-गांव-गांव दीपइंदर सिंह ढिल्लों के समर्थन में,
-दर्जनों गांवों के लोग ढिल्लों के समर्थन में आए
-चुनाव प्रचार पहुंचा चरम पर
लालडू 27 जनवरी, 2012: विधानसभा सीट डेराबस्सी से आजाद उम्मीदवार दीपइंदर सिंह ढिल्लों के तूफानी चुनाव प्रचार अपने चरम पर है और लोगों का समर्थन भी लगातार बढ़ता जा रहा है। आज दीपइंदर सिंह ढिल्लों ने लालडू सर्किल के दर्जनों गांवों का तूफानी दौरा किया और चुनावी जनसभाओं केो संबोधित किया। इस मौके पर दीपइंदर सिंह ढिल्लों ने क्षेत्र के वोटर्स को संदेश दिया कि वे क्षेत्र से नकारे हुए और धोखेबाज उम्मीदवारों को बचाने के लिए कमरकसें और 30 जनवरी को अपना एक एक कीमती वोट चुनाव निशान सिलाई मशीन पर ही लगाएं। दीपइंदर सिंह ढिल्लों ने आज गांव खेलन, अंटाला, हुमांयूपुर, तसम्बिली, राणीमाजरा, लालडू मंडी और डहर में चुनाव प्रचार किया। इस मौके पर चुनावी जनसभाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों प्रमुख दलों ने क्षेत्र के लोगों की भावनाओं को नजरअंदाज करते हुए बाहरी उम्मीदवारों को टिकट देकर क्षेत्र के लोगों की भावनाओं का कत्ल किया है। उन्होंने कहा कि जो उम्मीदवार लोगों से वोट मांगते समय
अपना योगदान तक नहीं बना सकते, उन्हें लोग आखिर क्यों वोट डालेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल ने डेराबस्सी को लवारिस समझ कर यहां के नेताओं को नजरअंदाज कर बाहरी,नकारे और धोखेबाज नेताओं को अपना उम्मीदवार बना लिया।
उन्होंने कहा कि दोनों दलों ने यहां के लोगों की भावनाओं का कत्ल किया और जो दल लोगों की भावनाओं की कदर नहीं करते हैं, उनके उम्मीदवारों से कभी क्षेत्र के विकास की उम्मीद नहीं की जा सकती है। इस मौके पर सुरिंदर सिंह सरसीणी ने अपने संबोधन में कहा कि डेराबस्सी क्षेत्र के अपने उम्मीदवार और वोटों के सही हकदार दीपइंदर सिंह ढिल्लों ही हैं क्योंकि वे लंबे समय से लोगों के दुखदर्द को समझते हैं और हमेशा हमारे साथ रहे हैं। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि 30 जनवरी को सिर्फ सिलाई मशीन चुनाव निशान पर ही मोहर लगानी है ताकि ढिल्लों की जीत को यकीनी बनाया जा सके।
इस मौके पर भूपिंदर सिंह भिंदा, करनैल सिंह हुमांयूपुर, ओमवीर राणा, मनप्रीत सिंह कुरली, पूर्व एसजीपीसी सदरूय जत्थेदार ध्यान सिंह झरमड़ी, धूम सिंह राणा, शीश पाल, प्रेम फौजी सांरगपुर आदि कई अन्य नेता भी उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन:
लालडू े पास एक गांव में चुनाव जनसभा को संबोधित करते हुए दीपइंदर सिंह ढिल्लों।
